जिला अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम ने गले में फंसे घड़ी के सेल को ऑपरेशन से निकाला,और बचाई बच्चे की जान।

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जिला अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम ने गले में फंसे घड़ी के सेल को ऑपरेशन से निकाला,और बचाई बच्चे की जान।
बुरहानपुर निवासी कृष्णा पिता रामेश्वर उम्र 10 वर्ष ने खेल-खेल में घड़ी का सेल निगल लिया, जो उसके गले के निचले हिस्से में फंस गया जिससे उसे बेचैनी, दर्द और सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वह बेहोश हो गया। माता-पिता घबराकर उसे तुरंत खण्डवा के जिला अस्पताल सह शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय ले आए। यहां नाक कान गला रोग विभाग में बच्चे का एक्स-रे किया गया, तो पता चला कि घड़ी का एक सेल आहार नली के निचले भाग में फंस गया है। नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील बाजोलिया एवं उनकी टीम ने दूरबीन पद्धति से सफलता पूर्वक ऑपरेशन कर कृष्णा के गले से सेल को बाहर निकाला।

डॉ. सुनील बाजोलिया ने बताया कि बैटरी में मौजूद रसायन शरीर के ऊतकों को गला सकता था, जिससे बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। इस तरह जिला अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम ने सही समय पर जटिल ऑपरेशन कर बच्चे की जान बचाई। बच्चा कृष्णा अब पूरी तरह से स्वस्थ है और अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहा है। बच्चे के पिता रामेश्वर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की टीम का बार बार आभार प्रकट करते हैं।

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