प्रेस कॉन्फ्रेंस कर,प्रभारी मंत्री ने गिनाये जीरामजी योजना के फायदे, कहा अभियान का मुख्य फोकस ‘वीबी जी राम जी’ योजना पर रहेगा।
मैहर / मनरेगा का नाम बदलने और नई योजना को लेकर मोहन सरकार और भाजपा जमीन पर उतर गई है। विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए पार्टी ने मेगा प्लान तैयार किया है।वीबी जी राम जी’ को लेकर देशभर में विपक्ष के हो—हल्ला के बीच अब सरकार और भाजपा से मिशन—26 के जैसे देख रही है। योजना की खासियतों और लाभों को बताने के लिए प्रत्येक जिले में मंत्री—नेता फायदे बताने जा रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और सरकारी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है। प्रदेश के सभी जिलों में अब बीजेपी के मंत्री, दिग्गज नेता न सिर्फ चौपाल लगाएंगे, बल्कि किसानों को साधने के लिए बैलगाड़ी और ट्रैक्टर रैलियों के जरिए शक्ति प्रदर्शन भी करेंगे।
इस अभियान का मुख्य फोकस ‘वीबी जी राम जी’ योजना पर रहेगा।
दरअसल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने ग्रामीण विकास और रोजगार के मोर्चे पर एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के स्थान पर लाए गए नए कानून ‘विकसित भारत गरीबी मुक्त रोजगार एवं आजीविका मिशन, ग्रामीण’ (VB-G-RAM-G) को लेकर बीजेपी अब जनता के बीच जाने की तैयारी में है। दो दिन पहले इसको लेकर सीएम और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मीडिया से रूबरू हुए थे। इसके बाद से मंत्रियों को जिलावार दौरा कार्यक्रम दिया गया है।
इसी क्रम को आगे बढ़ते हुए मैहर में भी जिले की प्रभारी मंत्री राधा सिंह मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, भाजपा जिला अध्यक्ष कमलेश सुहाने मंडल अध्यक्ष विकास तिवारी ने एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर योजना के लाभ व जानकारी दी। प्रभारी मंत्री राधा सिंह ने बताया कि ‘जी राम जी’ योजना क्या है? यह योजना मनरेगा से कैसे अलग होगी? मजदूरों और किसानों को इस योजना में क्या-क्या मिलने वाला है? एक तरह से यह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट (MGNREGA) का ही अपग्रेडेड वर्जन है। इस ग्रामीण योजना के तहत ग्रामीण परिवार को 100 के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। यह योजना किसानों और मजदूरों दोनों के लिए काफी फायदेमंद साबित होने जा रही है। एक्ट के जरिए रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार करने की योजना हे। इस दौरान इन 4 चीजों पर फोकस रहेगा।
ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना
मौसम की मार को कम करने के लिए स्पेशल काम करना
जीविका से संबंधित इन्फ्रास्ट्रक्चर
पानी से जुड़े काम कर जल संचयन करना
अधिनियम के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। ग्रामीणों की आय में बढ़ोतरी होगी। इस योजना में जल से संबंधित कामों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देकर बाजारों तक पहुंच बढ़ेगी। साथ ही गांवों में कारोबार की गतिविधियां बढ़ेंगी। भंडारण, बाजार और उत्पादन के चलते आजीविका में बढ़ोतरी होगी।
विकसित भारत-रोजगार गारंटी व आजीविका मिशन (ग्रामीण) से किसानों को डबल फायदा होने वाला है। एक तो उन्हें खेतों के लिए मजदूर आसानी से मिल सकेंगे। दूसरे खेतों के लिए बेहतर ढांचा तैयार हो सकेगा। इस योजना के अंतर्गत बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिन का विशेष समय रखा गया है। इस दौरान मनरेगा के तहत काम बंद कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बुआई और कटाई के समय मजदूरों की कमी नहीं होने देना है। इस दौरान काम रोकने का फायदा यह होगा कि फर्जी तरीके से मजदूरी को नहीं बढ़ाया जा सकेगा। किसान को सिंचाई परियोजनाओं का भी लाभ सीधे तौर पर मिलेगा।
मनरेगा की तुलना में इस योजना से ग्रामीण मजदूरों को भी फायदा मिलने वाला है। इसके तहत 100 के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं से यह सुनिश्चित होगा कि मजदूरों को बेहतर रोजगार विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए भुगतान में बायोमेट्रिक और आधार से वेरिफिकेशन को अनिवार्य रखा जाएगा। अगर किसी मजदूर को 125 दिन तक काम नहीं मिलता है तो उसे बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाली अच्छी सड़कों, वॉटर बॉडी और अन्य सुविधाओं का लाभ मजदूरों को भी मिलेगा।
