पं. गणेश प्रसाद मिश्र स्मृति व्याख्यान माला 28 दिसंबर रविवार को
छतरपुर के महाराजा छत्रसाल आडीटोरियम में “राष्ट्रीय सुरक्षा” विषय पर होगी नवम् व्याख्यानमाला
प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक व ओजस्वी वक्ता अश्विनी उपाध्याय जी होंगे प्रमुख वक्ता*
छतरपुर! पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा आयोजित होने वाली व्याख्यानमाला की श्रृंखला की नौवीं कड़ी में”राष्ट्रीय सुरक्षा” विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन 28 दिसंबर 2025( रविवार) को होगा। आयोजित नवम् व्याख्यान माला में इस वर्ष “राष्ट्रीय सुरक्षा” विषय पर आयोजित में प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक व ओजस्वी वक्ता अश्विनी उपाध्याय जी मुख्य वक्ता होंगे। शिक्षाविद डॉ विनोद रावत की अध्यक्षता में होने वाली व्याख्यानमाला में विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ इतिहासकार डॉ कन्हैयालाल अग्रवाल होंगे। प्रास्ताविक भाषण सेवा न्यास के अध्यक्ष डॉ राकेश मिश्र जी का होगा। सेवा न्यास की ओर से इससे पूर्व आठ व्याख्यानमाला का आयोजन किया जा चुका है।
*प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक व ओजस्वी वक्ता अश्विनी उपाध्याय जी होंगे प्रमुख वक्ता*
रविवार को व्याख्यानमाला में प्रमुख वक्ता अश्विनी उपाध्याय का उद्बोधन इस आयोजन को वैचारिक गहराई, संवैधानिक दृष्टि और राष्ट्रीय चेतना से समृद्ध करेगा। उनका अनुभव, ज्ञान और विचार इस क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों एवं युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायी सिद्ध होगा।
*अश्विनी उपाध्याय जी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व:*
अश्विनी कुमार उपाध्याय जी प्रख्यात अधिवक्ता, सामाजिक चिंतक, राष्ट्रवादी विचारक एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वे भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) में अधिवक्ता के रूप में देशहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण संवैधानिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
अश्विनी उपाध्याय ने विधि (कानून) के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त की और प्रारंभ से ही भारतीय संविधान, लोकतांत्रिक व्यवस्था, राष्ट्रीय एकता एवं सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन किया। एक अधिवक्ता के रूप में उन्होंने 250से अधिक जनहित याचिकाओं (PILs) के माध्यम से न्यायपालिका के समक्ष कई ऐतिहासिक और राष्ट्रव्यापी महत्व के विषय उठाए।उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में दायर अनेक याचिकाओं के माध्यम से देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया को दिशा देने का कार्य किया है, जिनका प्रभाव विधायी और प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
सार्वजनिक एवं राष्ट्रीय योगदान:
राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक स्थिरता,एक राष्ट्र, एक चुनाव
समान नागरिक संहिता,राजनीति के अपराधीकरण के विरुद्ध अभियान,चुनावी सुधार,भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी लड़ाई,राष्ट्रवादी एवं संवैधानिक मूल्यों की रक्षा एवं देश के 500 जिलों में जन जागरण श।
*विचारधारा और वक्तृत्व:*
अश्विनी उपाध्याय एक प्रभावशाली वक्ता हैं। उनके व्याख्यानों में संविधान की मूल भावना, राष्ट्र की सुरक्षा चुनौतियाँ,वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की भूमिका एवं नागरिक कर्तव्य और राष्ट्रनिर्माण जैसे विषय अत्यंत तार्किक, तथ्यपरक और प्रेरक शैली में प्रस्तुत होते हैं। वे युवाओं, बुद्धिजीवियों और नीति-निर्माताओं के बीच समान रूप से लोकप्रिय हैं।राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय पर उनका दृष्टिकोण केवल सैन्य या सीमित रणनीतिक दायरे तक नहीं, बल्कि आंतरिक सुरक्षा,कानूनी ढांचे की मजबूती,संवैधानिक अनुशासन एवं सशक्त नागरिक समाज तक विस्तृत है। वे मानते हैं कि एक मजबूत राष्ट्र की नींव सशक्त कानून, जागरूक नागरिक और सुशासन पर टिकी होती है।
श्री अश्वनी उपाध्याय जी 27 दिसंबर को खजुराहो पहुंचेगे तथा न्यास के अध्यक्ष डॉ राकेश मिश्र जी भी 27 दिसम्बर को छतरपुर पहुंच जाएंगे l 28 दिसंबर को छतरपुर में आयोजित व्याख्यान माला में भागीदारी करेंगे।
