खालवा में लोकायुक्त कार्यालय इंदौर की टीम ने की बड़ी कार्रवाई:महिला बाल विकास पर्यवेक्षक को 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार,

लोकायुक्त में ट्रेस होने के बाद मुंह छिपाती नजर आई सुपरवाइजर अंजिला मोहे।
लोकायुक्त कार्यालय इंदौर की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खालवा क्षेत्र में ट्रैप ऑपरेशन के दौरान महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है।
खालवा विकासखंड भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं से हर महीने अवैध वसूली यहां कोई गुप्त बात नहीं, बल्कि लिखा पड़ा नियम बन गई है नियुक्ति चाहिए तो पैसे दो पदस्थापना चाहिए तो पैसे दो इस विभाग का यहां काला सच है,लोकायुक्त कार्यालय इंदौर की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खालवा क्षेत्र में ट्रैप ऑपरेशन के दौरान महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है।
मामला ग्राम मोजवारी, तहसील खालवा जिला खंडवा का है। आवेदिका सलिता पालवी, जो आंगनवाड़ी केन्द्र-1 मोजवारी में सहायिका के पद पर पदस्थ हैं, ने शिकायत दर्ज कराई थी कि महिला बाल विकास पर्यवेक्षक (संविदा) अंजिला मोहे उनसे पदस्थापना के नाम पर रिश्वत मांग रही हैं। आरोप है कि सहायिका पद पर नियुक्ति के एवज में 5 हजार रुपये तथा आंगनवाड़ी केन्द्र-3 में कार्यकर्ता पद पर नियुक्ति दिलाने के लिए 2 लाख रुपये की मांग की गई थी।
शिकायत की पुष्टि के बाद ट्रैप दल गठित किया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपिया को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया,आरोपिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।
