संभव है कि यह खण्डवा के युवाओं के कॅरियर का टर्निंग प्वाइंट बन जाए…

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संभव है कि यह खण्डवा के युवाओं के कॅरियर का टर्निंग प्वाइंट बन जाए…IMG 20260322 WA0017

-जय नागड़ा
हम जानते है खण्डवा के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, कमी है तो अवसरों की , एक्सपोजर की… विद्याकुंज ने इसी दिशा में कार्य किया है कि युवाओं को अधिकतम अवसर और एक्सपोजर देने का … अभी तक हमारे शहर की प्रतिभाओं ने हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है , स्पेस साइंस के क्षेत्र में जरूर कोई नाम नहीं है …अब यह मौका मिला है,इसे मत गंवाइए…हो सकता है निकट भविष्य में हमारे अपनों के बीच से ही कोई कल्पना चावला , कोई राकेश शर्मा या कोई सुनीता विलियम्स निकलकर आए…
सिर्फ़ खण्डवा नहीं यह मध्यप्रदेश में पहला अवसर है कि स्पेस साईंस एवं टेक्नोलॉजी पर एक तीन दिवसीय आयोजन की मेज़बानी कोई स्कूल करने जा रहा है। खण्डवा के विद्याकुंज इंटरनेशनल स्कूल को यह गौरव हासिल हुआ है एक ऐसे कार्यक्रम को आयोजित करने का जिसमे चंद्रयान और मिशन मंगल में अहम् भूमिका निभाने वाले देश के शीर्ष वैज्ञानिक स्कूल – कॉलेज के स्टूडेंट्स से सीधे रूबरू होंगे। स्पेस एप्लिकेशन सेंटर ( सैक) इसरो अहमदबाद के डायरेक्टर श्री नीलेश देसाई की उपस्थिति इसे और महत्वपूर्ण बना देगी।
मन में आपके बड़ा सवाल यह होगा कि देश के शीर्ष संस्थान के वैज्ञानिको को आख़िर क्या पड़ी कि वे अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलकर निमाड़ की झुलसाने वाली गर्मी में खण्डवा जैसे छोटे से कस्बे में आयें ? उन्होंने इसके लिए विद्याकुंज को ही क्यों चुना ?
बात बहुत स्पष्ट है कि इस आयोजन में सहभागी स्पेस एप्लिकेशन सेन्टर (सैक ) इसरो अहमदाबाद और इसरो के ही अधिकृत स्पेस ट्यूटर “आकार ” और विद्याकुंज के सोच -विचार बहुत मेल खाते है। कोई व्यवसायिक प्रयोजन नहीं , कोई तमाशा नहीं , कोई नाम या फोटो छपाने को होड़ नहीं बस सिर्फ एक ही ध्येय के हमारी नई पीढ़ी को स्पेस साईंस के बारे में भी जागरूक किया जाये , इसमें कॅरियर बनाने को भी प्रेरित किया जाए।
इसलिए बहुत खुलेपन के साथ इस आयोजन को तीन दिन का वृहत रूप दिया गया। 27 मार्च को इसका शुभारम्भ होगा जिसमे पेरेंट्स के साथ भी एक विशेष सत्र स्पेस साईंटिस्ट लेंगे। 28 – 29 मार्च को सुबह 9 बजे से 5 बजे तक यह स्टूडेंट्स के लिए खुला होगा जिसके लिए उन्हें सिर्फ क्यूआर कोड स्केन करके अपना निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करना होगा जिससे उन्हें टाईम स्लॉट मिल सके और वे सभी सेशन में शामिल होकर इत्मीनान से इसे समझ सकें।
सभी से अनुरोध है कि यह महत्वपूर्ण जानकारी कक्षा 6 से 12 के साथ ही कॉलेज स्टूडेंट्स तक जरूर पहुंचाए और उन्हें प्रेरित भी करें। पता नहीं कौन इनमे से प्रेरणा पाकर भविष्य में स्पेस साईंटिस्ट या एस्ट्रोनॉट बनकर आकाश नहीं बल्कि ब्रह्मांड की उंचाईयों को छू ले… विद्याकुंज का स्थानीय प्रतिभाओं के लिए यह लॉन्चिग पेड अपनी सार्थकता साबित कर दे…यक़ीनन यह मौका है अपने सपनो को पंख देने का उन्हें दिशा देने का…

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