भारतीय जनता मजदूर संघ ने आँगनबाड़ी, आशा, आशा संगिनी एवं मिड डे मील वर्कर्स को श्रमिक का दर्जा, वर्तमान श्रमिक कानूनों के अनुरूप मानदेय तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान किए जाने के संबंध में
भारतीय जनता मजदूर संघ ने आँगनबाड़ी, आशा, आशा संगिनी एवं मिड डे मील वर्कर्स को श्रमिक का दर्जा, वर्तमान श्रमिक कानूनों के अनुरूप मानदेय तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान किए जाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। जिसमें निवेदन किया हैं कि देशभर में आँगनबाड़ी, आशा, आशा संगिनी तथा मिड डे मील वर्कर्स भारत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में देश में लगभग 27 लाख से अधिक ऐसी महिला कार्यकर्ता विभिन्न विभागीय योजनाओं के माध्यम से सेवाएँ प्रदान कर रही हैं।
आँगनबाड़ी, आशा एवं मिड डे मील वर्कर्स नियमित, समयबद्ध एवं लक्ष्य-आधारित कार्य करती हैं तथा उन्हें उनके कार्य के बदले मानदेय प्रदान किया जाता है। इसके बावजूद भी इन्हें आज स्वयंसेवी (वालंटियर) की श्रेणी में रखा गया है, जिसके कारण वे वर्तमान श्रमिक कानूनों के अंतर्गत मिलने वाले अधिकारों एवं सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित हैं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थापित सिद्धांतों के अनुसार, जो व्यक्ति किसी कार्य के बदले पारिश्रमिक प्राप्त करता है, वह श्रमिक की श्रेणी में आता है। अतः यह अपेक्षित है कि आँगनबाड़ी, आशा, आशा संगिनी एवं मिड डे मील वर्कर्स को श्रमिक का दर्जा प्रदान कर वर्तमान श्रमिक कानूनों के अनुरूप मानदेय, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा एवं अन्य वैधानिक सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। यह निवेदन पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक भावना के अनुरूप प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे देश की इन महत्वपूर्ण महिला कार्यकर्ताओं को सम्मानजनक, सुरक्षित एवं स्थायित्वपूर्ण कार्य-परिस्थितियाँ प्राप्त हो सकें।अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपर्युक्त विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक एवं सकारात्मक निर्णय लेने की कृपा करें। यह आवेदन इंजी. जे.एल. गुप्ता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पदाधिकारी व सदस्य भारतीय जनता मजदूर संघ
