15 जनवरी गुरुवार को भी शहर के मंदिरों में मनाया गया धार्मिक उल्लास के साथ मकर संक्रांति का पर्व।

खंडवा। मकर सक्रांति का पर्व वैसे तो 14 जनवरी को मनाया जाता है, लेकिन तिथि और समय में परिवर्तन के कारण 14 जनवरी के साथ ही 15 जनवरी गुरुवार को भी दान और पुण्य का यह मकर संक्रांति का पर्व शहर के मंदिरों में मनाया गया।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन खंडवा के समस्त मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा अर्चना की एवं दान स्वरूप सूखी खिचड़ी प्रदान की एवं श्रद्धालुओं द्वारा गौ माता का पूजन कर हरा चना,गो ग्रास भी करवाया गया। मकर सक्रांति पर दान का काफी महत्व है। अपनी श्रद्धा अनुसार लोगों ने दान भी किया। शहर के प्राचीन विट्ठल मंदिर और बजरंग बाबा मंदिर में गुरुवार को भी सुबह 6 बजे से देर शाम तक कई महिलाओं ने मंदिर पहुंचकर एक दूसरे को,तिल गुड़ ध्या आणि गोड गोड बोला,बोलकर हल्दी-कुमकुम लगाकर,तिल गुड़ बांटा और मकर संक्रांति की बधाई दी। इस अवसर महिलाओं ने मंगल गीत भी गाए। सुनील जैन ने बताया कि विट्ठल मंदिर के राम श्याम आष्टेकर परिवार एवं बजरंग चौक स्थित मुनी बाबा मंदिर में पंडित नवीन शर्मा द्वारा भगवान विशेष शृंगार भी किया गया,मकर संक्रांति पर्व पर दान का महत्व है। इसलिए महिलाओं ने मंदिर के बाहर बैठे भिक्षुओं को दान स्वरूप खिचड़ी,तील्ली के लाडू के साथ भिक्षा भी प्रदान की। बजरंग इस अवसर पर बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना की एवं एक दूसरे को हल्दी कुमकुम लगाया एवं तिल के लाडू का वितरण किया।
