छठवें नेशनल मार्शल आर्ट गेम्स–2025 का भव्य समापन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खिलाड़ियों को किया संबोधित

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उज्जैन।बाबा महाकाल की पावन नगरी उज्जैन में आयोजित छठवें नेशनल मार्शल आर्ट गेम्स:2025 का भव्य समापन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समापन समारोह के प्रारंभ में मंच से उपस्थित सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों, आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं दर्शकों का हृदय से स्वागत किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश डॉ. मोहन यादव ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और भारतीय परंपरागत युद्ध कलाओं को राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रभावना को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर *इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (IABF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र* का पारंपरिक रूप से तलवार एवं पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। इसके पश्चात डॉ. राकेश मिश्र ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार, शील्ड एवं पदक वितरित किए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में डॉ. राकेश मिश्र की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने बॉक्सिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। हाल ही में दुबई तथा इससे पूर्व सैन मारिनो में भारत का सफल प्रतिनिधित्व उनके कुशल नेतृत्व का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारतीय बॉक्सिंग, इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन के नेतृत्व में नई दिशा की ओर अग्रसर है।

उन्होंने सभी खिलाड़ियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह प्रयास प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की खेलो इंडिया योजना और खेलों को प्रोत्साहन देने की मंशा के अनुरूप है।

अपने भाषण में डॉ. राकेश मिश्र ने उपस्थित सभी अतिथियों, खिलाड़ियों एवं दर्शकों का हृदय से स्वागत करते हुए उज्जैन में आयोजित प्रतियोगिता का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा:

*“बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आयोजित यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता हमारे लिए गर्व का विषय है। तीन दिनों तक चली इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 1200 खिलाड़ियों ने सहभागिता की, जिनमें 200 महिला प्रतिभागी शामिल रहीं। छह वर्ष की आयु से लेकर सत्तर वर्ष तक के खिलाड़ियों ने जिस अनुशासन और खेल भावना का परिचय दिया, वह अभूतपूर्व है।”*

डॉ. मिश्र ने आगे कहा कि 27, 28 और 29 दिसंबर को आयोजित इस आयोजन में कलारी पट्टू, कुंग फू, किक बॉक्सिंग, लाठी, बॉक्सिंग, वुशू, थांगटा, कराटे, तायक्वोंडो और क्वान कीडो जैसे दस परंपरागत युद्ध कला खेलों की प्रतियोगिताएँ सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। इन खेलों के माध्यम से भारतीय युद्ध कला की समृद्ध परंपरा को राष्ट्रीय मंच मिला है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ-साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के खेलो इंडिया विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समारोह में जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के पदाधिकारी, प्रशिक्षक, खिलाड़ी, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे। यह आयोजन भारतीय परंपरागत युद्ध कलाओं और बॉक्सिंग को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक मजबूत संदेश बनकर सामने आया।

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