परम्परा और प्रगति के बीच परिवार में संतुलन एक चुनौती – घनश्याम मैथिल

0
50

परम्परा और प्रगति के बीच परिवार में संतुलन एक चुनौती – घनश्याम मैथिलIMG 20251231 WA0065

‘ पुरातन परम्परा और आधुनातन प्रगति के बीच परिवार में समन्वय और संतुलन आज की सबसे बड़ी चुनौती है, आधुनिक जीवन शैली भौतितावादी और अर्थ प्रधान है इसमें संवेदनायें खत्म हो रही हैँ घर परिवार टूट रहे हैँ इससे समाज और देश टूटने का खतरा है इस पर समय रहते ध्यान देना होगा | ‘ यह उदगार हैँ वरिष्ठ साहित्यकार घनश्याम मैथिल ‘अमृत ‘ के जो अभिव्यक्ति विचार यात्रा भारत डायलॉग द्वारा ओल्ड एम.एल.ए. क्वार्टर में ‘समसामयिक परिवेश में घर परिवार और कटुम्ब की भूमिका ‘ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे | कार्यक्रम में स्वागत वक्तव्य एवं आयोजन की रुपरेखा एवं विषय प्रवर्तन करते हुए आयोजन का सरस संचालन करते हुए कार्यकम सुपरिचित गीतकार मनोज जैन मधुर ने आगे बढ़ाया| विशिष्ठ अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक आर. डी. तैलंग ने कहा की आज कुटुंब की अवधारणा बदल रही है कुटुंब रक्त संबंधों से इतर नये नये स्तर पर जरूरत के अनुसार बन रहे हैं। इस आयोजन में वरिष्ठ साहित्यकार विनोद जैन ने हस्तक्षेप करते हुए कहा की आधुनिक समय में तकनीकी का उपयोग करते हुए दूर दूर बिखरे परिवार और कुटुंब को जोड़ा जा सकता है | आयोजन की अध्यक्षता कर रहे डॉ. अभिजीत देशमुख ने परिवार और कुटुंब से भावनात्मक जुड़ाव का महत्व बताते हुए इनके महत्व को रेखांकित करते हुए युवाओं के बीच वरिष्ठ जनों द्वारा काम करने की आवश्यकता पर बल दिया, आयोजन में लेखक एवं वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार बरुआ ने भी अपने महत्वपूर्ण विचार रखे, कार्यक्रम उन्होंने कहा कि बंगलादेश में की जा रही निर्दोष नागरिकों की हत्या पर रोष प्रकट करते हुए निंदा की, राजकुमार बरुआ ने डॉ. देशमुख से इस विषय पर निंदा कर प्रस्ताव पारित करने के लिए कहा। डॉ. अभिजीत देशमुख ने बांग्लादेश में हो रही घटनाओं की निंदा की और निंदा प्रस्ताव पारित किया।
कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन सुबोध श्रीवास्तव ने किया। आयोजन में कपिल तिवारी, विनय, संदीप उपाध्याय, शिवानी सैनी, मृत्युनंजय मिश्रा, सुशील विश्वकर्मा, भंवर सिंह, राजकुमार, रत्ना चौहान सहित बड़ी संख्या में युवा छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

मनोज जैन मधुर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here