गुजरात से ओंकारेश्वर के बीच नर्मदा जी में चलेगा क्रूज,गुजरात और एमपी सरकार के बीच समझौता, धार जिले के कुक्षी में जेटी टर्मिनल का काम शुरू

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गुजरात से ओंकारेश्वर के बीच नर्मदा जी में चलेगा क्रूज,गुजरात और एमपी सरकार के बीच समझौता, धार जिले के कुक्षी में जेटी टर्मिनल का काम शुरूIMG 20260203 WA0031(1) IMG 20260203 WA0027 IMG 20260203 WA0032

खंडवा। बाम्बे-टू-गोवा की समुद्री यात्रा तो रुपहले पर्दे पर खूब प्रसिद्ध हुई। अब गुजरात के लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची स्टैचू से ओंकारेश्वर के आदी शंकराचार्य की प्रतिमा यानी ‘अद्वैतधाम’ तक नर्मदाजी में क्रूज चलने की तैयारी की जा रही है। 130 किलोमीटर तक मीठे पानी वाली मां नर्मदा में यात्री हिलोरों पर यात्रा का आनंद ले सकेंगे। इसके लिए बड़ा एमओयू (एग्रीमेंट) भी गुजरात और मध्यप्रदेश सरकार के बीच हो चुका है।
समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि खंडवा जिले के प्रभारी और मध्यप्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने इसका खुलासा किया है। श्री लोधी ने कहा कि इस बीच आने वाले पर्यटन स्थलों की सैर भी क्रूज़ के यात्रियों को कराई जाएगी। ओंकारेश्वर से गुजरात के केवड़िया यानी स्टैचू ऑफ यूनिटी तक क्रूज (पानी का जहाज) चलाया जाएगा!

यहां की भी सैर हो सकेगी

दोनों प्रतिमाओं के अलावा ओंकारेश्वर, महेश्वर, मांडू, सरदार सरोवर और ऐसे कई पर्यटन स्थलों पर क्रूज़ रोककर यात्रियों को भ्रमण कराया जाएगा।

कुक्षी में जेटी अड्डा का काम शुरू

भाजपा प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री लोधी की बड़ी योजना से मध्यप्रदेश को अच्छा फायदा मिलेगा। इसके लिए मेघनाद धार जिले के कुक्षी के पास एक फ्लोटिंग क्रूज़ का अड्डा बनाया जा रहा है। इसका काम भी शुरू हो गया है। इसे तकनीकी भाषा में जेटी टर्मिनल कहते हैं।

मां की गोद में बैठकर कर सकेंगे यात्रा

खंडवा जिले के लिए मां नर्मदा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण मानी गई है, इसीलिए इनके पूजक भी बढ़ते जा रहे हैं। मां नर्मदा के किनारे अभी तक परिक्रमा होती थी। अब 130 किलोमीटर मां नर्मदा के बीच मां की गोद में बैठकर लोग इन दो प्रतिमाओं के बीच परिक्रमा कर सकेंगे।

डबल इंजन की सरकार का काम देखिए

प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्षों से डबल इंजन की सरकार काम कर रही है। आधुनिक भारत के विकास की तरह मध्य प्रदेश भी विकास के मामले में लगातार आगे बढ़ रहा है। खंडवा लोकसभा क्षेत्र में भी करोड़ों रुपए के विकास कार्य किए जा रहे हैं।

दो महापुरुषों की प्रतिमाओं की डोर बनेगा क्रूज

खंडवा जिले में ओंकारेश्वर स्टैचू ऑफ वननेस आदी शंकराचार्य की प्रतिमा के स्थान से नर्मदा जल मार्ग से पानी का जहाज क्रूज गुजरात की ओर कैवडीया स्टैचू ऑफ यूनिटी लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक चलने वाला है। मध्य प्रदेश और गुजरात सरकार के बीच इस जल मार्ग का एम ओ यु हो चुका है।

काम भी शुरू

दोनों सरकार के समझौते के बीच वर्तमान में मेघनाद धार कुक्षी के पास फ्लोटिंग जेटी टर्मिनल का कार्य चल रहा है। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि मध्य प्रदेश के धर्मस्व, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने अपने खंडवा प्रवास के दौरान प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना को लेकर मीडिया से चर्चा की, उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार और गुजरात सरकार ने मिलकर पर्यटन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं साइन किया है, जो कि जल्द ही मूर्त रूप लेने वाला है । पर्यटन इतिहास का बड़ा कदम दोनों ही प्रदेश के वासियों को मां नर्मदा में चलाये जाने वाले क्रूज के जरिए स्टैचू ऑफ वन नेस से लेकर स्टैचू ऑफ यूनिटी तक के पर्यटन स्थलों का आनंद मिल सकेगा। इस महत्वपूर्ण योजना को बताते हुए पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा की स्टैच्यू ऑफ वननेस से लेकर स्टैचू ऑफ यूनिटी तक के लिए प्रदेश के पर्यटन विभाग ने एक बड़ी ही महत्वपूर्ण योजना बनाई है, जिसमें इस क्षेत्र में नर्मदा नदी में क्रूज चलाने की योजना है । इसको लेकर गुजरात सरकार के साथ मध्य प्रदेश सरकार का एमओयू भी हो चुका है, और अब इस महत्वपूर्ण योजना को लेकर धरातल पर काम करने हेतु रचना योजना बन रही है और जल्द ही यह रचना भी पूरी कर ली जाएगी, और दोनों ही प्रदेश के वासियों को इस महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों का लाभ क्रूज के जरिए देखने को मिलेगा। प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि स्टैच्यू ऑफ वननेस (एकात्मता की प्रतिमा) खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के किनारे मान्धाता पर्वत पर स्थित आदि गुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची बहुधातु प्रतिमा है। इसका अनावरण 21 सितंबर 2023 को किया गया, जो बाल रूप में शंकराचार्य को दर्शाती है और ‘अद्वैत वेदांत’ के संदेश के साथ ‘एकता’ का प्रतीक है। वही स्टैचू ऑफ यूनिटी, गुजरात में नर्मदा नदी के साधु-बेट द्वीप पर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर (597 फीट) ऊंची प्रतिमा है। जो आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट नमूना है, जो एकता और लौह पुरुष के योगदान का प्रतीक है, साथ ही यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी है।
ओंकारेश्वर से नर्मदा के जल मार्ग से होकर गुजरात केवड़िया स्टेचू ऑफ़ यूनिटी की लगभग दूरी 130 किलोमीटर है। जल मार्ग आवागमन में ओंकारेश्वर से महेश्वर, मांडू सरदार सरोवर बांध की यात्रा धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से यह एक सर्वश्रेष्ठ सौगात होगी।

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