12 वॉं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विश्व में भारत की कीर्ति स्थापित की : डॉ. राकेश मिश्र (राष्ट्रीय अध्यक्ष, इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन, IABF)
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*हड़को परिसर दिल्ली में पॉंच सौ लोगों ने सामूहिक योग कर बनाया रिकॉर्ड: डॉ. आर एच लता*
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर आज हडको प्लेस एक्सटेंशन, अंसल प्लाजा, दक्षिण दिल्ली में आद्या कौशलम् ट्रस्ट एवं इंडियन योगिनी एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में भव्य योग समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 500 प्रतिभागियों ने एक साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) का अभ्यास कर योग एवं स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर श्री संजय कुलश्रेष्ठ, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD), HUDCO; डॉ. राकेश मिश्रा जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, IABF; डॉ. आर. एच. लता, पूर्व स्वतंत्र निदेशक, भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, इंडियन योगिनी एसोसिएशन; तथा प्रख्यात समाजसेवी श्रीमती राखी कुलश्रेष्ठ विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. आर. एच. लता ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन का आधार है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर आद्या कौशलम् ट्रस्ट की सक्रिय सदस्यों श्रीमती बिमला कुमारी, श्रीमती सविता वावरे, डॉ. शारदा सूर्यवंशी एवं श्रीमती धनेश्वरी जी ने मंच से उपस्थित सभी प्रतिभागियों को कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया। उनके कुशल निर्देशन में सैकड़ों प्रतिभागियों ने योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का सामूहिक अभ्यास कर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
विशिष्ट अतिथि श्री संजय कुलश्रेष्ठ ने कहा कि योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जो आज पूरे विश्व को स्वास्थ्य और शांति का मार्ग दिखा रही है।
मुख्य अतिथि डॉ. राकेश मिश्रा जी ने योग के वैज्ञानिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के इस पावन अवसर पर आप सभी के बीच उपस्थित होकर मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। सबसे पहले मैं भारतीय योगिनी एसोसिएशन एवं आद्या कौशलम ट्रस्ट को इस भव्य आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ।
योग केवल व्यायाम नहीं है, यह भारत की हजारों वर्षों पुरानी जीवन शैली है। योग शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का विज्ञान है। आज जब पूरी दुनिया तनाव, अवसाद, अस्वस्थ जीवनशैली और अनेक शारीरिक समस्याओं से जूझ रही है, तब योग मानवता को संतुलित और स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रहा है।
यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि भारत की इस अमूल्य धरोहर को आज विश्व के 190 से अधिक देशों ने अपनाया है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून 2014 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद योग ने विश्व कल्याण का एक वैश्विक अभियान का रूप ले लिया है।
इस वर्ष की थीम *“Healthy Aging – स्वस्थ वृद्धावस्था”* अत्यंत प्रासंगिक है। योग केवल युवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि प्रत्येक आयु वर्ग के लिए उपयोगी है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन प्रसन्न और जीवन ऊर्जावान बना रहता है। योग हमें न केवल रोगों से बचाता है, बल्कि सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास भी प्रदान करता है।
मैं खेल जगत से जुड़ा हुआ हूँ और यह अनुभव करता हूँ कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता केवल शारीरिक क्षमता पर निर्भर नहीं करती, बल्कि मानसिक एकाग्रता, अनुशासन और आत्मनियंत्रण भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। योग इन सभी गुणों को विकसित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। यही कारण है कि आज विश्व के अधिकांश खिलाड़ी अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम में योग को शामिल कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में योग आज एक जन आंदोलन बन चुका है। हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम योग को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग को देगा, तो हम एक स्वस्थ, समर्थ और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।
आज मैं विशेष रूप से युवाओं से आग्रह करता हूँ कि वे मोबाइल और डिजिटल जीवनशैली के बीच अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें तथा योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाएं। स्वस्थ युवा ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं।
आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें:
“करें योग, रहें निरोग”
“योग अपनाएँ, स्वास्थ्य और खुशहाली बढ़ाएँ”
*“स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें।”*
समारोह में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान आद्या कौशलम् ट्रस्ट की समर्पित सदस्य श्रीमती बिमला कुमारी, श्रीमती सविता वावरे, डॉ. शारदा सूर्यवंशी एवं श्रीमती धनेश्वरी जी ने मंच से उपस्थित सभी प्रतिभागियों को कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) का अभ्यास करवाया। उनके कुशल एवं प्रभावी निर्देशन में लगभग 500 प्रतिभागियों ने योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का सामूहिक अभ्यास किया। प्रशिक्षकों ने योग की प्रत्येक क्रिया को सरल एवं व्यवस्थित रूप से समझाते हुए प्रतिभागियों को सही तकनीक के साथ अभ्यास कराया, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायक रहा।
योग प्रोटोकॉल अभ्यास के पश्चात आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समारोह को और भी आकर्षक एवं उत्साहपूर्ण बना दिया। इस अवसर पर लावण्या ठाकुर ने अपनी मनमोहक शास्त्रीय नृत्य (Classical Dance) प्रस्तुति से सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं निकिता एवं उनके समूह ने हरि स्तुति तथा योग नृत्य की सुंदर प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उनकी भावपूर्ण एवं उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और योग के समन्वय को सजीव रूप में प्रस्तुत किया, जिसकी उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने खूब सराहना की।कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वयन आद्या कौशलम् ट्रस्ट एवं इंडियन योगिनी Association की टीम द्वारा किया गया।
यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उद्देश्यों को साकार करते हुए समाज में स्वास्थ्य, जागरूकता, अनुशासन एवं सामूहिक सहभागिता का प्रेरणादायक उदाहरण बना।
