बालाजी धाम में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब, दादाजी के भजनों के साथ भक्तों ने ग्रहण की प्रसादी
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर इंदौर रोड स्थित बालाजी ग्रुप की कॉलोनी ‘बालाजी धाम’ में भक्ति, श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस पावन पर्व पर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, जहां चारों ओर भक्तिमय माहौल नजर आ रहा था।
इस शुभ अवसर पर बालाजी ग्रुप के सदस्यों और बालाजी धाम के रहवासियों ने मिलकर एक विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह बेहद उत्साह और विधि-विधान के साथ हुई, जिसमें बालाजी ग्रुप के सदस्यों ने प्रथम पूज्य बालाजी महाराज की चित्र और दादाजी महाराज की चित्र का पूजन-अर्चन किया और भगवान के चित्र पर माल्यार्पण कर आरती उतारी।
पूजन के उपरांत महाप्रसाद वितरण का शुभारंभ हुआ। इस दौरान पूरे परिसर में **दादाजी महाराज के सुमधुर भजनों** की गुंजायमान तानें बिखरती रहीं। भजनों की धुनों पर थिरकते और गाते हुए भक्तों ने अत्यंत आनंद के साथ महाप्रसाद ग्रहण किया। भजनों के प्रभाव से पूरा वातावरण दिव्य और भक्तिरस से सराबोर हो गया।
यह भंडारा सुबह से प्रारंभ होकर शाम 6:00 बजे तक अनवरत रूप से चलता रहा। छैगांव माखन, इंदौर रोड व आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आए लगभग लाखों श्रद्धालुओं ने बालाजी महाराज के दर्शन किए और प्रसादी का लाभ उठाया। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों के बावजूद पूरी व्यवस्था बेहद सुचारू बनी रही।
इस पावन पर्व पर बालाजी धाम कॉलोनी के अलावा बालाजी ग्रुप की अन्य प्रमुख कॉलोनियों—**छैगांव माखन स्थित ‘दिव्य बालाजी नगर’ तथा ‘अंजनी बालाजी नगर’*में भी प्रसादी का वितरण अत्यंत उत्साह के साथ किया गया, जहां भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुँचकर महाप्रसाद ग्रहण किया।
इस सफल आयोजन के पीछे बालाजी ग्रुप के फाउंडर रितेश गोयल जी और उनके कार्यकर्ताओं और सभी कॉलोनियों के निवासियों का विशेष समर्पण रहा। सभी सदस्यों ने पूर्ण **सेवा भाव** से एकजुट होकर अपनी सेवाएं दीं। भोजन बनाने से लेकर प्रसादी वितरण और व्यवस्था संभालने तक, हर जिम्मेदारी को लोगों ने निस्वार्थ भाव से निभाया।
आयोजकों ने अंत में सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि बालाजी महाराज की कृपा और बालाजी धाम के रहवासियों एवं दिव्य बालाजी नगर के रहवासियों के सहयोग से ही यह विशाल आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। दिनभर परिसर ‘जय बालाजी’ और ‘दादाजी महाराज’ के जयकारों से गूंजता रहा।
