155 से अधिक भाषाओं की गायिका सुचेता सतीश ने बुरहानपुर में बिखेरा देशभक्ति का रंग।

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शेख आसिफ ब्यूरो खंडवा,बुरहानपुर

155 से अधिक भाषाओं की गायिका सुचेता सतीश ने बुरहानपुर में बिखेरा देशभक्ति का रंग।

‘वंदे मातरम् बियॉन्ड बॉर्डर्स’ ने बांधा समां, आठ भाषाओं में गूंजा राष्ट्रगान का भाव।

बुरहानपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बुरहानपुर स्थित मेक्रो विज़न एकेडमी के अनहद आनंद ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष संगीत समारोह देशभक्ति, संगीत और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम बन गया। कार्यक्रम में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक एवं विश्वप्रसिद्ध बहुभाषी गायिका सुचेता सतीश ने अपनी शानदार प्रस्तुति से हजारों विद्यार्थियों और उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।

*जब एक मंच पर गूंजे भारत की अनेक भाषाओं के सुर*

सुचेता सतीश 155 से अधिक भाषाओं में गायन के लिए जानी जाती हैं। बुरहानपुर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में भी उनकी बहुभाषी प्रतिभा देखने को मिली। खास बात यह रही कि विद्यार्थियों ने जिस भाषा में गीत सुनने की इच्छा जताई, सुचेता सतीश ने उसी अनुरूप गीतों की प्रस्तुति देकर सभी को प्रभावित किया।

उनकी प्रस्तुतियों में देशभक्ति गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ ने विशेष प्रभाव छोड़ा। गीत के सुरों के साथ पूरा ऑडिटोरियम देशभक्ति की भावना से सराबोर नजर आया।
आठ भाषाओं में ‘वंदे मातरम्’ की विशेष प्रस्तुति
कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण रहा ‘वंदे मातरम् बियॉन्ड बॉर्डर्स’।
इस अनूठी संगीत पहल के तहत सुचेता सतीश ने भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की आठ भाषाओं में विशेष प्रस्तुति दी। यह प्रस्तुति ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष को समर्पित रही।

*अलग-अलग भाषाओं में ‘वंदे*

मातरम्’ की प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि भारत की भाषाई विविधता देश की ताकत है और अलग-अलग भाषाओं के बावजूद देश के प्रति प्रेम और राष्ट्रभक्ति की भावना एक है,भाषाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन भारत के लिए दिल की धड़कन एक है।

*संगीत के जरिए एकता और देशभक्ति का संदेश*

‘वंदे मातरम् बियॉन्ड बॉर्डर्स’ केवल एक संगीत प्रस्तुति नहीं रही, बल्कि इसके माध्यम से भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया।कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग भाषाओं के गीतों के माध्यम से विद्यार्थियों और दर्शकों को यह संदेश मिला कि संगीत सीमाओं और भाषाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ने का काम करता है।

*आनंद प्रकाश चौकसे के करकमलों से हुआ औपचारिक विमोचन।*

‘वंदे मातरम् बियॉन्ड बॉर्डर्स’ का औपचारिक विमोचन मेक्रो विज़न एकेडमी के संस्थापक एवं अध्यक्ष आनंद प्रकाश चौकसे द्वारा किया गया।इस अवसर पर कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने सुचेता सतीश की बहुभाषी गायन प्रतिभा और उनकी विशेष प्रस्तुति की सराहना की।

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं प्रतिभा की सराहना*

सुचेता सतीश की असाधारण बहुभाषी संगीत यात्रा की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। 155 से अधिक भाषाओं में गायन की उनकी क्षमता उन्हें देश की विशिष्ट प्रतिभाओं में शामिल करती है।बुरहानपुर में उनकी प्रस्तुति ने विद्यार्थियों को न केवल मनोरंजन दिया, बल्कि उन्हें भारतीय भाषाओं, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति से जुड़ने का प्रेरणादायक अवसर भी दिया।

*विद्यार्थियों की पसंद के गीतों ने जीता दिल।*

कार्यक्रम की एक और खास बात रही कि सुचेता सतीश ने विद्यार्थियों की पसंद को महत्व दिया। विद्यार्थियों ने अलग-अलग भाषाओं में गीत सुनने की मांग की और उन्होंने अपनी गायन प्रतिभा के जरिए उन मांगों को पूरा किया।
इस दौरान ऑडिटोरियम में मौजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थी और दर्शक उत्साह के साथ उनकी प्रस्तुतियां सुनते नजर आए।
यादगार बना बुरहानपुर का स्वतंत्रता दिवस
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित यह संगीत समारोह बुरहानपुर के लिए एक यादगार आयोजन बन गया। मंच पर देशभक्ति के गीत, अलग-अलग भाषाओं के सुर और विद्यार्थियों का उत्साह—इन सबने कार्यक्रम को खास बना दिया।

सुचेता सतीश की आवाज में गूंजे देशभक्ति के गीतों ने पूरे माहौल को भावनात्मक और गौरवपूर्ण बना दिया।बुरहानपुर में संगीत ने सिर्फ सुर नहीं छेड़े, बल्कि देश की एकता और विविधता की खूबसूरत तस्वीर पेश की।

‘वंदे मातरम् बियॉन्ड बॉर्डर्स’ के जरिए दिया गया संदेश भी साफ रहा—भारत अनेक भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं का देश है, लेकिन राष्ट्र के प्रति प्रेम की भावना सभी को एक सूत्र में बांधती है।

सुचेता सतीश की यह प्रस्तुति स्वतंत्रता दिवस की यादों में लंबे समय तक बनी रहने वाली एक खूबसूरत और प्रेरणादायक याद बन गई।

शेख़ आसिफ खंडवा✍️✍️✍️

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