शेख़ आसिफ ब्यूरो खंडवा
राष्ट्रीय मंच पर गूंजी निमाड़ की आवाज,छाया मोरे ने महिला नेतृत्व पर किया मंथन।
राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यशाला में देशभर की महिला विधायकों के साथ सहभागिता
खंडवा। निमाड़ अंचल के लिए यह गौरव का क्षण है। पंधाना विधानसभा क्षेत्र की विधायक एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता छाया गोविन्द मोरे ने फरीदाबाद स्थित ताज सूरजकुंड रिजॉर्ट में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित दो दिवसीय “Gender Responsive Governance for Women Legislators” क्षमता संवर्धन कार्यशाला में सहभागिता की।
7 और 8 सितंबर को आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यशाला में देशभर से महिला विधायकों की सहभागिता रही। कार्यशाला का उद्देश्य महिला जनप्रतिनिधियों को प्रभावी नेतृत्व, सुशासन, नीति निर्माण और जनहित के मुद्दों पर बेहतर भूमिका निभाने के लिए आवश्यक जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
ओम बिरला और विजया राहटकर से संवाद
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने महिला नेतृत्व और सुशासन से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
इस दौरान विधायक छाया मोरे को दोनों से संवाद और चर्चा करने का अवसर मिला। उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका, प्रभावी नेतृत्व और जनहित से जुड़े विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। साथ ही राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी नेतृत्व से सुशासन और प्रभावी जनप्रतिनिधित्व के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर प्राप्त किया।
नेतृत्व, निर्णय क्षमता और जवाबदेही पर मंथन
कार्यशाला में महिला विधायकों के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इनमें प्रभावी नेतृत्व, निर्णय लेने की क्षमता, सार्वजनिक नेतृत्व, जवाबदेही, संवाद और वार्ता कौशल जैसे विषय प्रमुख रहे।
इसके साथ ही Gender Responsive Governance यानी लैंगिक संवेदनशील सुशासन और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए Gender Budgeting पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
महिला अधिकारों और योजनाओं पर विशेष चर्चा
कार्यशाला में महिलाओं से संबंधित कानून, महिला अधिकार, सहायता तंत्र और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों को भी प्रमुखता दी गई।
महिला जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और उनकी भूमिका पर चर्चा करते हुए इस बात पर जोर दिया गया कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति और विशेषकर महिलाओं तक प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए।
आदिवासी अंचल के अनुभवों को मिला राष्ट्रीय मंच
पंधाना विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। ऐसे क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली छाया मोरे की राष्ट्रीय स्तर की इस कार्यशाला में सहभागिता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निमाड़ और आदिवासी अंचल में महिलाओं से जुड़े जमीनी मुद्दों को राष्ट्रीय नीति विमर्श से जोड़ने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। महिला शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार, आर्थिक आत्मनिर्भरता, सरकारी योजनाओं का लाभ और राजनीतिक भागीदारी जैसे विषय ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
राष्ट्रीय मंच पर इन क्षेत्रों के अनुभव सामने आने से नीति निर्माण में स्थानीय परिस्थितियों और जमीनी जरूरतों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है।
महिला नेतृत्व को मजबूत बनाने पर जोर
कार्यशाला के दूसरे दिन महिला कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामुदायिक नेतृत्व जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र निर्धारित किए गए।
इन सत्रों का उद्देश्य महिला जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों में महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता प्रदान करना है।
निमाड़ की महिला शक्ति को राष्ट्रीय पहचान
छाया मोरे की इस कार्यशाला में सहभागिता को केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भागीदारी के तौर पर नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसे निमाड़ की महिला शक्ति और आदिवासी अंचल के अनुभवों को राष्ट्रीय महिला नेतृत्व के मंच से जोड़ने के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय महिला आयोग के इस मंच पर निमाड़ की प्रतिनिधि की मौजूदगी क्षेत्र के लिए सम्मान के साथ-साथ महिला नेतृत्व को और अधिक प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी भी बढ़ाती है।
महिलाओं से जुड़े स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर के नीति विमर्श से जोड़ने और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ऐसी कार्यशालाएं महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।
