सूर्य तरंग ब्यूरो खंडवा
नवरात्रि में आरती-पूजन के समय बिजली कटौती पर नाराज दिखी विधायक छाया मोरे, बोलीं—दिन में कटौती करें, रात में नहीं
ग्रामीणों की नाराजगी का मुद्दा प्रभारी मंत्री के सामने उठाया, धर्मेंद्र लोधी बोले—कम जलभराव और थर्मल प्लांटों के मेंटेनेंस से आपूर्ति प्रभावित, जल्द सुधार के प्रयास
शेख़ आसिफ खंडवा। नवरात्रि में ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय हो रही अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रमुखता से उठा। पंधाना विधायक एवं प्रदेश भाजपा प्रवक्ता छाया मोरे ने प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह के सामने ग्रामीणों की परेशानी रखते हुए कहा कि माता की आरती, पूजन और भोजन के समय बिजली गुल होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरत पड़ने पर दिन में अलग-अलग समय पर एक घंटा अधिक बिजली कटौती कर ली जाए, लेकिन रात में कटौती बंद कराई जाए।
‘धार्मिक आस्था से जुड़े पर्व पर रात में कटौती उचित नहीं’
विधायक छाया मोरे ने कहा कि नवरात्रि हिंदू समाज का प्रमुख धार्मिक पर्व है, जिसे लोग श्रद्धा और परंपराओं के साथ मनाते हैं। ऐसे समय में शाम को माता की आरती, पूजन और परिवारों के भोजन के दौरान बिजली कटौती से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। उन्होंने बैठक में कहा कि ग्रामीणों की नाराजगी इतनी बढ़ रही है कि लोग इस व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे हैं।
मोरे ने प्रभारी मंत्री से आग्रह किया कि बिजली विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि रात के समय अघोषित कटौती न हो। यदि बिजली आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बनाने के लिए कटौती जरूरी है, तो दिन में अलग-अलग समय निर्धारित कर इसकी व्यवस्था की जाए, ताकि धार्मिक आयोजनों और आम जनजीवन पर असर कम पड़े।
कम बारिश और थर्मल प्लांटों के मेंटेनेंस से प्रभावित आपूर्ति : लोधी
विधायक की बात पर प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बिजली संकट के कारण बताते हुए कहा कि इस वर्ष बारिश के दौरान बांधों के गेट खोलने और पूरी क्षमता से जलविद्युत उत्पादन की स्थिति नहीं बन पाई। बांधों में सीमित जलभराव होने से बिजली उत्पादन के लिए पानी के इस्तेमाल और सिंचाई व पेयजल की जरूरतों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि इसी अवधि में कोयले से चलने वाले थर्मल पावर प्लांटों का मेंटेनेंस भी होता है। इन परिस्थितियों के कारण बीते सप्ताह बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन प्रभावित हुआ है। सरकार स्थिति सुधारने के प्रयास कर रही है और जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों को राहत दिलाने पर जोर
समीक्षा बैठक में विधायक छाया मोरे ने ग्रामीणों की समस्या को सामने रखते हुए रात के समय बिजली कटौती बंद कराने की मांग की। उनका जोर इस बात पर रहा कि बिजली व्यवस्था की कठिनाइयों का समाधान ऐसा हो, जिससे नवरात्रि के धार्मिक आयोजनों और ग्रामीण परिवारों की दिनचर्या पर अनावश्यक असर न पड़े।
अब ग्रामीणों को बिजली विभाग और सरकार के स्तर पर होने वाली कार्रवाई का इंतजार है। सवाल यह है कि बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाते हुए क्या नवरात्रि की रातों में ग्रामीणों को कटौती से राहत मिल पाएगी?
