श्री 1008 भगवान आदिनाथ जन्म जयंती महामहोत्सव श्रद्धा-भक्ति के साथ संपन्न,स्थान – श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर,

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श्री 1008 भगवान आदिनाथ जन्म जयंती महामहोत्सव श्रद्धा-भक्ति के साथ संपन्न,स्थान – श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर,IMG 20260312 WA0051

गढ़ाकोटा में श्री 1008 भगवान आदिनाथ जन्म जयंती महा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में मनाया गया। कार्यक्रम परम पूज्य संत शिरोमणि पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज के शिष्यगण परम पूज्य मुनि श्री 108 प्रशम सागर महाराज, परम पूज्य मुनि श्री 108 प्रणेय सागर महाराज एवं परम पूज्य मुनि श्री 108 योग्य सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन पंडित बालचंद सिमरिया वालों के निर्देशन में तथा रोहित जैन संगीतकार के भक्ति संगीत के साथ किया गया। इस अवसर पर मंदिर में विराजमान मूलनायक श्री 1008 भगवान आदिनाथ (लगभग 600 वर्ष प्राचीन प्रतिमा) का महामस्तकाभिषेक, अभिषेक एवं शांतिधारा अत्यंत भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ तथा पूज्य गुरुदेवों के मंगलमय प्रवचन हुए।
शांतिधारा करने का सौभाग्य श्रीमान मुकेश अठभैया,श्रीमान निर्मल अठभैया,श्रीमान रजत बारमोदी, श्रीमान विनीत हल्दी एवं श्रीमान निर्मल ऊमरा को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर परम पूज्य मुनि श्री 108 योग्य सागर महाराज ने अपने प्रवचन में बताया कि भगवान आदिनाथ भारत के प्रथम राजा थे,जिन्होंने मानव समाज को सभ्यता की दिशा दी तथा उनके गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान और निर्वाण कल्याणक के महत्व को भक्तों को विस्तार से बताया। परम पूज्य मुनि श्री 108 प्रणेय सागर महाराज ने भगवान आदिनाथ द्वारा प्रदत्त जीवनोपयोगी विद्याओं असी, मसी, कृषि, शिल्प, वाणिज्य और व्यापार का वर्णन करते हुए समाज को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में परम पूज्य मुनि श्री 108 प्रशम सागर महाराज ने सभी श्रद्धालुओं को श्री 1008 अतिशय क्षेत्र पटेरिया में दिनांक 16 मार्च से 22 मार्च तक आयोजित होने वाले पंचकल्याणक महोत्सव में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का उपदेश दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमान सचिन जी वैशाखियां द्वारा किया गया तथा अंत में आभार श्रीमान अमित कारंदा द्वारा व्यक्त किया गया।

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