टंट्या मामा की जन्मभूमि पर गूंजा सम्मान का स्वर, राज्यपाल का ऐतिहासिक दौरा बड़ोदा अहीर में जननायक को नमन, विकास और गौरव की नई घोषणाएं।

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टंट्या मामा की जन्मभूमि पर गूंजा सम्मान का स्वर,
राज्यपाल का ऐतिहासिक दौरा बड़ोदा अहीर में जननायक को नमन, विकास और गौरव की नई घोषणाएं।IMG 20260404 WA0013 IMG 20260404 WA0014 IMG 20260404 WA0016

खंडवा। पंधाना विधानसभा क्षेत्र के बड़ोदा अहीर गांव में अमर शहीद, जननायक टंट्या भील की जन्मजयंती पर आयोजित भव्य कार्यक्रम इतिहास के स्वर्णिम पलों में दर्ज हो गया। मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने यहां पहुंचकर टंट्या मामा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और जनसभा को संबोधित करते हुए जनजातीय समाज के गौरव को नई ऊंचाई दी।
“टंट्या मामा केवल नाम नहीं, एक प्रेरणा हैं” — राज्यपाल
अपने ओजस्वी संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि टंट्या मामा केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि जनजातीय अस्मिता, साहस और स्वतंत्रता संग्राम के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे उनके जीवन संघर्ष को पढ़ें और समझें कि किस प्रकार एक साधारण गांव से निकलकर उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए पूरे देश में अपनी अमिट पहचान बनाई।

जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति, बना ऐतिहासिक माहौल

समाजसेवी सुनील जैन ने बताया की आयोजीत कार्यक्रम मे राज्यपालजी के साथ इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, खरगोन सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, पंधाना विधायक छाया मोरे, खंडवा विधायक कंचन तनवे, मांधाता विधायक नारायण पटेल,जिला पंचायत अध्यक्ष पींकी सुदेश वानखेडे, महापौर अमृता अमर यादव, कलेक्टर ऋषव गुप्ता, डीआईजी मनोज राय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। पूरा क्षेत्र जनजातीय गौरव और उत्साह से सराबोर नजर आया।

50 लाख का स्थायी शेड और तीन दिवसीय महोत्सव की घोषणा

स्वागत भाषण में विधायक छाया मोरे ने टंट्या मामा के जीवन चरित्र को भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया। इस दौरान मंत्री डॉ. विजय शाह ने जन्मस्थली पर स्मारक परिसर के बाहर 50 लाख रुपये की लागत से स्थायी शेड निर्माण की घोषणा की। साथ ही हर वर्ष टंट्या मामा की जयंती पर तीन दिवसीय भव्य महोत्सव आयोजित करने का ऐलान किया गया, जिसे संस्कृति और जनजातीय कार्य मंत्रालय संयुक्त रूप से आयोजित करेंगे।
“विधायक छाया मोरे के प्रयासों से संभव हुआ दौरा”
राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने अपने उद्बोधन में विधायक छाया मोरे की विशेष सराहना करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों और आग्रह के कारण ही उन्हें इस पावन जन्मस्थली पर आने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने इसे अपने लिए सौभाग्य बताया।
जनजातीय विकास पर सरकार की प्राथमिकता, सिकल सेल पर विशेष फोकस
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी की जांच, पहचान और उपचार अब संभव हो रहा है, जिससे जनजातीय समाज को बड़ा लाभ मिल रहा है।
राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट: छाया मोरे का बढ़ता प्रभाव
कार्यक्रम के बाद एक दिलचस्प राजनीतिक संदेश भी सामने आया, जब राज्यपाल मंगू भाई पटेल पंधाना विधायक छाया मोरे को अपने साथ हेलीकॉप्टर से खरगोन के कार्यक्रम के लिए लेकर रवाना हुए। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि इस घटनाक्रम ने निमाड़ की राजनीति में चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
भाजपा द्वारा हाल ही में प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी मिलने और जनजातीय वर्ग में बढ़ती लोकप्रियता के चलते छाया मोरे को अब क्षेत्र की एक सशक्त आदिवासी नेता के रूप में देखा जाने लगा है। लगातार सफल आयोजनों और बड़े जनसमर्थन ने उनके राजनीतिक कद को और मजबूत किया है।
निमाड़ की राजनीति में उभरता नेतृत्व, जनता की बढ़ती अपेक्षाएं
पंधाना विधानसभा क्षेत्र में यह लगातार दूसरा बड़ा और सफल आयोजन रहा, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति ने विधायक छाया मोरे की जनस्वीकृति को स्पष्ट किया। क्षेत्र की जनता अब अपनी विधायक को और ऊंचे राजनीतिक मुकाम पर देखने की उम्मीद कर रही है, साथ ही क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की अपेक्षाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं।
गौरव, जनभावना और नेतृत्व का संगम बना बड़ोदा अहीर
बड़ोदा अहीर का यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह जनजातीय गौरव, विकास की दिशा और उभरते नेतृत्व का संगम बन गया। टंट्या मामा की पावन भूमि पर उमड़ा जनसैलाब इस बात का साक्षी बना कि इतिहास की प्रेरणा और वर्तमान का नेतृत्व मिलकर भविष्य की नई दिशा तय कर रहे हैं।

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