कुर्मी क्षत्रिय समाज सामूहिक विवाह सम्मलेन लक्ष्मण कुटी में सम्पन्न

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दमोह जिले में पूर्व काल से निरन्तर सामूहिक विवाह लक्ष्मण धाम में आयोजित हो रहे थे जिनकी शुरुआत 1991 में स्व.बैजनाथ दादा जी (पटवारी) जी के द्वारा सामाजिक नवाचार के रूप में प्रारम्भ कि गई थी |
पूर्व सामाजिक कल्याणकारी सामूहिक विवाह आयोजन का पुनर्जीवित प्रयास श्री सुखनंदन पटेल पालर जी के द्वारा किया गया जिसके लिए प्रथम बैठक लक्ष्मण धाम में आयोजित की गई |जिसमें सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि कार्यक्रम आयोजन समिति के मुख्य आयोजक कुर्मी क्षत्रिय समाज ,सरदार वल्लभ भाई पटैल समिति ,लक्षमण कुटी धाम ट्रस्ट रहेंगें एवं सुखनन्दन पटैल जी आयोजक रहेंगें |
20 अप्रैल 2026 शुभ दिवस अक्षय तृतीया को सामूहिक विवाह कार्यक्रम शाम से आरम्भ हुआ जिसमें सर्वप्रथम मंचीय कार्यक्रम सम्पन्न हुआ |
सर्व प्रथम मुख्य अथिति एवं विशिष्ट अतिथियों के द्वारा वैदिक मंत्रोचार के साथ-साथ दीप, प्रज्वलन देवावाहन, समाज महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण किया गया एवं स्व. बैजनाथ दादा जी को याद किया गया |
द्वितीय चरण में मुख्य अतिथियों,विशिष्ठ अतिथियों का स्वागत किया |
तृतीय चरण प्रतिभाओं के सम्मान में , म.प्र.कुर्मी क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री रामखिलावन पटैल जी ने,देश में प्रथम कुर्मी को प्राप्त पीएच.डी. (वैदिक वास्तुशात्र) उपाधि के लिए ज्योतिषाचार्य डॉ. रज्जन पटैल एवं उनकी पत्नी श्रीमति रुकमणी पटैल को सम्मानित किया। द्वितीय सम्मान कुर्मी समाज की बेटी भगवताचार्य प्रिया सहचरी ग्राम- झिरा का सम्मान किया,तृतीय सम्मान दो छोटे छोटे बालक जिन्होंने कार्यक्रम हेतु 7,100 रूपये एवं 4 क्विंटल गेंहू संग्रह किया था उनका भी सम्मान किया |
रामखिलावन जी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि जैसे भगवान श्री राम जी के जीवन में सीता जी का त्याग,कष्ट सहन,धैर्य एवं प्रत्येक कष्ट ,परीक्षा में साथ देने का योगदान रहा,जैसे श्री कृष्ण जी के जीवन में राधा जी के त्याग,समर्पण का योगदान रहा वैसे ही,सभी गृहस्थ वाले पतियों को ध्यान रखना चाहिए कि उनकी पत्नी भी घर पर रहकर भी सफलता में महत्वपुर्ण योगदान देती है।आपने जानकारी दी कि अभी तक म.प्र. में 370 कुर्मी पुरोहित प्रशिक्षित हो चुके है एवं येंसा प्रयास जारी है की मप्र के कुर्मी बाहुल्य ग्रामों में कम से कम 2-2 कुर्मी पुरोहित तैयार हों| कुर्मी पुरोहितों के लिए कोई व्यक्ति यदि परेशान करता है तो उसके साथ कानून कार्यवाही के जेल भेजने का प्रयास किया जायेगा| आपने आगामी वर्षों में सामूहिक विवाह हेतु मार्गदर्शन एवं विस्तृत कार्ययोजना पर प्रकाश डाला |
पशुपालन मंत्री श्री लखन पटेल जी ने समाज को सम्बोधित करते हुये वर्तमान विवाह खर्च ,विवाह में परिश्रम एवं समस्याओं के उदाहरण देते हुये ,सामूहिक विवाह से होने लाभों के बारें में समझाया एवं कुर्मी समाज में युवक-युवतियों के आगामी विवाह सामूहिक विवाह सम्मेलन में करने के लिए आह्वान किया |
कार्यक्रम का प्रमुख चरण सामूहिक विवाह कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ ,जिसमें सभी वर वधु के जोड़ों का व्यवस्थित क्रम से प्रधानमंच पर वैदिक मंत्रो के माध्यम से वरमाला कार्यक्रम सम्पन्न करवाया गया एवं वरमाला कार्यक्रम के पश्चात वर्तमान परम्परा वर-वधु के परिवार जनों ,रिश्तेदारों एवं सभी अतिथियों के द्वारा वर-वधु को आशीर्वाद तथा फोटोग्राफी कार्य सहज रूप से सम्पन्न किया |
तत्पश्चात सभी वर-वधु के जोड़ों का विवाह संस्कार वैदिक,लौकिक परम्परा से विद्वान कुर्मी एवं पिछड़ा वर्ग के पंडितो के द्वारा सम्पन्न करवाया गया| सभी वर-वधु के पाणी संस्कार सम्पन्न होने के पश्चात् आयोजन समिति के द्वारा विधिवत समस्त बाराती-घरातियों को प्रातः नाश्ता करवाया गया एवं ससम्मान सभी विदा किया गया |
इस कुर्मी सामूहिक अवसर पर पशुपालन मंत्री श्री लखन पटेल जी, कुर्मी समाज के जिला अध्यक्ष चौधरी श्री महेन्द्र प्रताप सिंह बघा,प्रदेश उपाध्यक्ष श्री डी पी पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री शिवचरण पटेल, श्री राजेंद्र पटेल, मंडी अध्यक्ष श्री खरगराम पटेल, पूर्व विधायक हटा,मानक पटैल जी जिलाध्यक्ष,टंडन जी ,जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि श्री चटन पटेल, जनपद अध्यक्ष श्री गंगाराम पटेल, श्री बाबूलाल पटेल, श्री बहादुर पटेल, सरदार पटेल सेवा समिति के अध्यक्ष श्री गोपाल पटेल व सचिव दयाराम पटैल,महिला अध्यक्ष श्रीमती गीता पटेल, युवा अध्यक्ष श्री वैभव पटेल,बीजेपी महामंत्री महेश पटैल जी,श्रीमती कल्पना पटेल (शिक्षक),आचार्य पूरन सींग लोधी जी,आचार्य गनेश कुर्मी सहित वैवाहिक जोडो के परिवार जन व हजारों- हजारों बंधुओं की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन-नरेश पटैल…………….ने किया
इस पुनर्जीवित परम्परा कुर्मी क्षत्रिय समाज सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जिन्होंने तन-मन-धन से सहयोग किया एवं जिन्होंने अपना अमूल्य समय देकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई,आप सभी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, और विशेष रूप से कार्यक्रम में सहयोगी रहे राघवेंद्र पटैल (करैया राख), घनश्याम पटैल (करैया राख), मस्तराम पटैल (कादीपुर)
शिवराम पटैल (कादीपुर), कंछेदी पटैल (डिग्सर),हीरा पटैल (महंतपुर), प्रदीप पटैल (पालर), मोहन पटैल (पालर), बहादुर सिंह जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
संचालन–दयाराम पटैल (समन्ना)
संयोजक-सुखनंदन पटैल (पालर)

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